चेक बाउंस होने के प्रमुख कारण

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bank cheque bounce: आज के समय में चेक के माध्यम से भुगतान करना एक आम बात है। व्यापार हो या व्यक्तिगत लेनदेन, चेक एक सुरक्षित भुगतान विकल्प माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चेक बाउंस होना एक गंभीर अपराध माना जाता है, जिसमें जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है? चेक बाउंस होने पर कानूनी कार्यवाही और इससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी होना हर चेक इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के लिए आवश्यक है। 

चेक बाउंस होने के प्रमुख कारण

चेक बाउंस होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें सबसे आम है बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं होना। जब आप किसी को चेक देते हैं, तो यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपके खाते में चेक पर लिखी राशि से अधिक या बराबर राशि मौजूद है। अन्य कारणों में चेक पर अस्पष्ट या गलत हस्ताक्षर, चेक की अवधि समाप्त होना, बैंक खाता बंद होना या फिर चेक में किसी प्रकार की कटिंग या ओवरराइटिंग होना शामिल है। इन सभी कारणों से चेक बाउंस हो सकता है और फिर आपको कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

चेक बाउंस पर कानूनी कार्यवाही के चरण

चेक बाउंस होने पर तुरंत जेल नहीं होती है, बल्कि इसके लिए एक प्रक्रिया का पालन किया जाता है। सबसे पहले, जब किसी का चेक बाउंस होता है, तो चेक प्राप्तकर्ता (लेनदार) को चेक जारीकर्ता (देनदार) को एक कानूनी नोटिस भेजना होता है। यह नोटिस चेक बाउंस होने के 30 दिनों के अंदर भेजना आवश्यक है। इस नोटिस में देनदार को चेक की राशि 15 दिनों के भीतर चुकाने का निर्देश दिया जाता है। अगर 15 दिनों के भीतर राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तो लेनदार अगले 30 दिनों के भीतर कोर्ट में शिकायत दर्ज करा सकता है।


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